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ब्राम्हण लोगो ने ख़ुद की वासना छुपाने के लिये लिखी महाभारत नाम की किताब !!!

“साथियों अयोनी शब्द का मतलब अगर किसी ब्राम्हण को पूछेंगे तो ओ बताता है की अयोनी शब्द का अर्थ है। पाप मुक्त गर्भ धारणा ”
! लेकिन यह झुठ है अयोनी शब्द का अर्थ है।
योनी = घर
अयोनी = घरके बाहर 
इसका मतलब यह हुवा ! घर के बाहर सब के सामने किया हुवा सम्भोग और उसमे से ठहरी हुई गर्भ धारणा जिसे अयोनी कहा गया!
“सीता और द्रौपदी अयोनी थी ”
साथियों ब्राम्हण लोगो मे खुले मे सम्भोग करने मे कोई भी आपत्ति नही थी! ऋशी लोग एक धार्मिक अनुश्टान कराते थे ! जिसे वामदेव व्रत कहा जाता था! वहाँ अगर कोई स्त्री अपनी वासना पूर्ण करने के लिये जाती थी! तो वहाँ सभी ब्राम्हण यज्ञ भूमी पर उस स्त्री के साथ सम्भोग करते थे!
उदा: पराशर ने सत्यवती के साथ सब के सामने सम्भोग किया था! जिसे दीर्घ पतन कहा गया! (महाभारत आदीपर्व अध्याय 193)
ब्राम्हण अपनी बीवी या बेटी भी किराये से देते थे! जैसे ययाती ने अपनी लड़की गालव ऋशी को दी थी! फिर गालव ने उस लड़की को तीन अलग अलग राजा को कुछ दिनो के लिये और विश्वामित्र को किराये से दि थी।

(वी स खांडेकर )
इसीलिए मै कहेता हू ब्राम्हण पापी लोग है जिनकी लाईक और कमेन्ट करणे मे फटती है वह दूर ही रहे।
Mr.Chandan Sarakate !!!!!

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